उत्तराखंड

अमर बलिदान को शत-शत नमन, कारगिल विजय दिवस पर उत्तरकाशी में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संगम

A hundred salutations to the immortal sacrifice; a confluence of reverence, respect, and patriotism in Uttarkashi on Kargil Vijay Diwas.

*अमर बलिदान को शत-शत नमन, कारगिल विजय दिवस पर उत्तरकाशी में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति का संगम।*

आज 26 जुलाई 2026 को “कारगिल विजय दिवस” के उपलक्ष्य में जिला मुख्यालय स्थित शौर्य स्थल, ज्ञानसू में आयोजित भव्य श्रद्धांजलि समारोह में *मुख्य अथिति माननीय विधायक(गंगोत्री) श्री सुरेश चौहान, जिलाधिकारी उत्तरकाशी श्री प्रशान्त आर्य एवं पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय द्वारा जनपद के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों के अधिकारियों तथा गणमान्य नागरिकों के साथ कारगिल युद्ध के अमर शहीद राइफलमैन दिनेश चंद्र कुमांई के चित्र पर पुष्पचक्र एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गयी।*

उत्तरकाशी पुलिस, कुमांऊ रेजिमेन्ट, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की टुकड़ियों द्वारा अमर शहीदों के सम्मान में पूरे सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर प्रस्तुत किया गया। समारोह के दौरान कारगिल शहीद राइफलमैन दिनेश चंद्र कुमांई की धर्मपत्नी वीरनारी श्रीमती अनीता देवी को शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं नागरिकों द्वारा राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की।

इस अवसर पर *पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय* द्वारा बताया गया कि कारगिल विजय दिवस माँ भारती के उन अमर वीर सपूतों के अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम, अटूट राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान की गौरवगाथा का प्रतीक है, जिन्होंने वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध में अद्भुत वीरता का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च न्योछावर कर दिया। उनके अद्वितीय शौर्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के परिणामस्वरूप भारत ने न केवल कारगिल युद्ध में विजय प्राप्त की, बल्कि संपूर्ण विश्व के समक्ष अपने सैन्य सामर्थ्य, अदम्य इच्छाशक्ति, राष्ट्रीय एकता एवं अटूट संकल्प का परिचय भी दिया। कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक सैन्य विजय का स्मरण मात्र नहीं, बल्कि प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की प्रेरणा का पावन अवसर है। यह दिवस हमें उन अमर शहीदों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। कारगिल के वीर सैनिकों का जीवन प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका साहस, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता एवं राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण हमें हर परिस्थिति में अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा देता है।

 

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