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केदारताल ट्रेक पर लापता आठ ट्रेकर्स की तलाश जारी, चौथे दिन भी नहीं मिला सुराग, हिमस्खलन के बाद दिखा टेंट, लेकिन टीम नहीं पहुंच सकी

The search for eight trekkers missing on the Kedartal trek continues; no trace has been found even on the fourth day. A tent was spotted following an avalanche, but the rescue team could not reach it.

उत्तरकाशी: केदारताल ट्रेक पर लापता आठ ट्रेकर्स की तलाश जारी, चौथे दिन भी नहीं मिला सुराग; हिमस्खलन के बाद दिखा टेंट, लेकिन टीम नहीं पहुंच सकी

हेलीकॉप्टर ने घाटी में लगाए कई चक्कर, खराब मौसम के चलते सर्च ऑपरेशन रोकना पड़ा; अब एसडीआरएफ की टीम को हवाई मार्ग से पहुंचाने की तैयारी।

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रेक पर हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता हुए आठ ट्रेकर्स की तलाश लगातार जारी है। रविवार को रेस्क्यू अभियान के चौथे दिन हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद लापता ट्रेकर्स और उनके सामान का कोई सुराग नहीं मिल पाया। खराब मौसम के कारण अभियान को रोकना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, रविवार को हेलीकॉप्टर ने दो बार हवाई रैकी की और घाटी में करीब दस चक्कर लगाए। इसके बावजूद लापता ट्रेकर्स का पता नहीं चल सका। अब सर्च ऑपरेशन को आगे बढ़ाने के लिए एसडीआरएफ की विशेष टीम को हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल के आसपास उतारने की तैयारी की जा रही है।

27 अक्टूबर को ट्रेकिंग पर निकला था 14 सदस्यीय दल

बताया जा रहा है कि बीते 27 अक्टूबर को सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी के बैनर तले पश्चिम बंगाल के पांच और उत्तर प्रदेश के दो सदस्यों सहित 14 सदस्यीय दल केदारताल ट्रेकिंग के लिए रवाना हुआ था। दल में शामिल एक पोर्टर ट्रेक पर नहीं गया था। सभी को 29 अक्टूबर को वापस गंगोत्री लौटना था, लेकिन निर्धारित समय पर दल वापस नहीं पहुंचा।

इसी दौरान एक कुक नेटवर्क क्षेत्र में पहुंचा और फोन के माध्यम से सूचना दी कि वह कच्चा ढांग के पास सुरक्षित है। उसने खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते वापसी में आ रही कठिनाइयों की जानकारी देते हुए सहायता मांगी थी।

हिमस्खलन के बाद टेंट दिखा, लेकिन आगे नहीं बढ़ सकी टीम

ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से पोर्टर और गाइड की एक टीम सहायता के लिए भेजी गई थी। टीम ने करीब छह किलोमीटर तक ट्रेक मार्ग खोलने का प्रयास किया, लेकिन परिस्थितियां कठिन होने के कारण उसे वापस गंगोत्री लौटना पड़ा।

इसी बीच शनिवार को पार्क की टीम को कच्चा ढांग के पास एक कुक और तीन पोर्टर सुरक्षित मिले। हालांकि, आठ ट्रेकर्स का कोई पता नहीं चल पाया। आशंका जताई जा रही है कि भोजखड़क के पास हुए भारी हिमस्खलन की चपेट में आठों ट्रेकर्स आ गए होंगे।

सोल सीकर ट्रेकिंग एजेंसी की टीम का एक वीडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह टीम हिमस्खलन के बाद घटनास्थल की ओर गई थी। टीम के सदस्यों को वहां ट्रेकर्स का टेंट दिखाई दिया, लेकिन भारी हिमस्खलन और बेहद कठिन परिस्थितियों के कारण वे टेंट तक नहीं पहुंच सके और वापस लौट आए।

एसडीआरएफ की नई टीम करेगी तलाश

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं के अनुसार, ट्रेकिंग एजेंसी की ओर से शुरुआती जानकारी में ट्रेकर्स के सुरक्षित स्थान पर होने की बात कही गई थी। रविवार को हर्षिल से सुरक्षित मिले चार ट्रेकर्स में से एक को साथ लेकर हेलीकॉप्टर से क्षेत्र की हवाई रैकी की गई, लेकिन लापता आठ ट्रेकर्स का कोई पता नहीं चल पाया।

उन्होंने बताया कि सोमवार को देहरादून से एसडीआरएफ की तीन से चार सदस्यीय एक अतिरिक्त टीम उत्तरकाशी पहुंचेगी। इस टीम को हेलीकॉप्टर के माध्यम से घटनास्थल के आसपास उतारने की योजना है, जिसके बाद लापता ट्रेकर्स की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

फिलहाल आठ ट्रेकर्स की तलाश जारी है। खराब मौसम, भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण रेस्क्यू टीमों के सामने बड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। पूरे क्षेत्र की नजर अब राहत एवं बचाव अभियान पर टिकी है।

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