उत्तराखंडस्वास्थ्य

जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य महकमे ने शुरू किया नवीन प्रयास

After the instructions of the District Magistrate, the health department started a new effort

*जिलाधिकारी की पहल लाई रंग, गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में जागी नई उम्मीद*

*’प्रशासन बना सारथी’ गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को मिल रही है जीवनदायिनी मदद*

*जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य महकमे ने शुरू किया नवीन प्रयास।*

*जुलाई माह में अभी तक गंभीर जोखिम वाली 14 महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई जिनका हुआ सुरक्षित प्रसव*

*नौगांव ब्लॉक में 3, डुंडा में 2,पुरोला में 1,मोरी में 8 गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का अभी तक कराया गया सुरक्षित प्रसव*

*गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में मोरी ब्लॉक के दणगांण गांव की सुनीता,डुंडा ब्लॉक की रमा देवी और नौगांव की मोनिका सहित अनेक महिलाएं बन चुकी हैं इस पहल की लाभार्थी*

*मानसून और आपदा को देखते हुए गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को शिफ्ट करने के जिलाधिकारी ने दिए थे निर्देश*

जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने और सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा सभी संबंधित विभागों और स्वास्थ्य कर्मियों से गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं (High-Risk Pregnant Women) को विशेष सहायता और देखभाल प्रदान करने के लिए जारी निर्देश अब धरातल पर नजर आ रहे हैं।

जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओ के स्वास्थ्य देखभाल और उन्हें मानसून और आपदा की स्थिति को देखते हुए सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किए जाने और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मुहिम अब रंग लाने लगी है।
जिलाधिकारी के निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सक्रिय और मुस्तैद हो गया है जिसके चलते जुलाई माह में 20 जुलाई तक जनपद की अनेक महिलाओं को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों पर शिफ्ट किया गया तथा जिनमें से 14 महिलाओं का प्रसव सुरक्षित और सुविधाजनक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से सुरक्षित हुआ है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कुछ दिन पहले ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को सभी जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाएं तथा मानसून और आपदा को देखते हुए ऐसी महिलाओं को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्रों पर शिफ्ट किया जाये। सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पताल में गंभीर जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए नियमित और अतिरिक्त प्रसवपूर्व जांच सुनिश्चित की जाए तथा दूरदराज के और दुर्गम क्षेत्रों से गंभीर जोखिम वाली महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस और अन्य परिवहन व्यवस्था की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और आशा तथा आंगनबाड़ी ऐसी महिलाओं की जानकारी रखें और उन्हें अवश्य सहायता उपलब्ध कराएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button