उत्तराखंड

हरेला पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया, किया वृहद वृक्षारोपण

The Harela festival was celebrated with joy and enthusiasm; a massive tree plantation drive was undertaken.

*जिले में हरेला पर्व हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया और किया वृहद वृक्षारोपण*

*’हर गांव की यही पैगाम–एक पेड़ माँ के नाम” थीम पर पूरे जनपद में मनाया गया हरेला पर्व*

*विधायक गंगोत्री और जिलाधिकारी द्वारा की गई वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत*

*संस्कृति और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है हरेला पर्व : डीएम*

पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रसिद्ध लोकपर्व हरेला की शुरुआत बृहस्पतिवार को पूरे उत्साह के साथ हुई। इस अवसर पर पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद मुख्य अतिथि विधायक गंगोत्री सुरेश चौहान, दर्जा राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, नगर पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, जिलाध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने जिला मुख्यालय के समीप के नाल्ड क. स. 01 (चींवा) में संयुक्त रूप से पौधारोपण कर वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें छात्र–छात्राओं द्वारा बढ़–चढ़कर हिस्सा लिया गया।

मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने हरेला पर्व की जनपदवासियों को शुभकामनाएं दी तथा कहा कि हरेला का पर्व पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के साथ प्रकृति से निकटता को दर्शाता है। हरेला पर्व जनजागरुकता के साथ मनाया जाए तथा “हर गांव का यही पैगाम–एक पेड़ माँ के नाम” अभियान को सफल बनाए जाने में सभी के द्वारा योगदान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि “हरेला पर्व हमें अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी की याद दिलाता है। यह पर्व केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जीवनशैली है जो हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाना सिखाती है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरेला पर्व हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है, यह सिर्फ एक त्यौहार नहीं है, बल्कि यह पेड़-पौधों और वृक्षारोपण के महत्व तथा उनके संरक्षण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का अनुभव कराता है। उन्होंने सभी नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन को बढ़ाने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि वृक्षारोपण पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक होने के साथ सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है।
इस वर्ष वृक्षारोपण के महत्व को देखते हुए हरेला पर्व “हर गांव की यही पैगाम–एक पेड़ माँ के नाम” थीम पर मनाया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जिले भर में बड़े पैमाने पर अभियान चला कर वृक्षारोपण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

*अधिकारी,कर्मचारी और जनसामान्य से बढ़ चढ़कर किया वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रतिभाग*

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। सभी ने मिलकर विभिन्न प्रकार के फलदार और छायादार पौधे लगाए तथा जिलेभर में हरेला को अभियान के रूप में मनाने और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किए जाने का संदेश दिया। इस वृहद वृक्षारोपण के दौरान सावनी, आम, आंवला, जामुन, माल्टा, गुलमोहर, तेजपत्ता, देवदार, बॉस, अमलतास, नींबू सहित अनेक प्रजाति के पौधों का रोपण किया गया।
इस अभियान के तहत वन विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, बाल विकास विभाग, युवा कल्याण विभाग, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के स्तर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर पौधे रोपित किए गए। साथ ही आर्मी, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीआरडी, होमगार्ड ने भी अभियान में बढ़ चढ़कर प्रतिभाग किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, दर्जा राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार,जिलाध्यक्ष भाजपा नागेन्द्र चौहान,नगर पालिका अध्यक्ष भूपेंद्र चौहान, चंडी प्रसाद भट्ट, द्वारिका सेमवाल, प्रताप रावत, लोकेंद्र बिष्ट, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, डीएफओ डी.पी बलूनी, हरीश नेगी, गंगा बुधलाकोटी, एनडीआरएफ सुनील राणा, सीवीओ एचसी बिष्ट, सीईओ अमित कोटियाल, सीएमओ डॉ बीएस रावत, सीएचओ रजनीश सिंह, सीएओ एसएस वर्मा, प्रताप मटूडा सहित विभिन्न अधिकारी, कर्मचारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

 

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