उत्तराखंड

चारधाम यात्रा से पूर्व सफाई व्यवस्था की तैयारियों पर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

The District Magistrate issued strict instructions regarding the cleanliness arrangements before the Chardham Yatra.

 

*चारधाम यात्रा से पूर्व सफाई व्यवस्था की तैयारियों पर जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश*

*बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं पर जिलाधिकारी गंभीर, ग्राम स्तर पर वीडीओ और वीपीडीओ की जिम्मेदारी की जाए सुनिश्चित*

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आगामी चारधाम यात्रा के दृष्टिगत यात्रा मार्ग पर सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने तथा देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुखद, स्वच्छ, सुगम और सुरक्षित यात्रा का परिवेश उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों की बैठक ली।

जिलाधिकारी ने दो-टूक शब्दों में कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए देवभूमि की छवि स्वच्छ और सुंदर होनी चाहिए, जिसमें कोई भी समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और डुंडा के उद्दालका में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट के लिए अब तक विद्युत कनेक्शन न लिए जाने पर कड़ी फटकार लगाई। साथ ही भटवाड़ी तहसील के मनेरी झील क्षेत्र में कूड़े के उचित निस्तारण न होने और वहां फैली गंदगी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तत्काल पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि यदि जिला पंचायत द्वारा पंजीकृत की जाने वाली दुकानों के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती है तो उत्तरदायी अधिकारियों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।

स्वच्छता अभियान को गति देते हुए जिलाधिकारी ने स्वजल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 फरवरी से माह के अंत तक पूरे यात्रा रूट पर एक विशेष सफाई अभियान संचालित किया जाए। इस अभियान के लिए उन्होंने शहरी स्थानीय निकायों और जिला पंचायत को आपसी समन्वय के साथ पूर्ण सहयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रा शुरू होने से पूर्व कूड़ा निस्तारण और सफाई की सभी इकाइयां पूरी क्षमता के साथ क्रियाशील होनी चाहिए ताकि मार्ग किसी प्रकार की गंदगी ना रहे।

बैठक में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने जंगलों में बढ़ रही वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं पर पैनी नजर रखी जाए और यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर जंगल में आग लगाने का मामला संज्ञान में आता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा प्रशासन का लक्ष्य न केवल स्वच्छ और सुरक्षित यात्रा संपन्न कराना है, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को भी सुरक्षित रखना है।

बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए अजय सिंह, परियोजना निदेशक स्वजल विवेक कुमार,एडीपीआरओ नितिन नौटियाल,प्रधान सहायक जिला पंचायत सुरेश राणा और धर्मेंद्र सिंह बिष्ट उपस्थित रहे।

 

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